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“PREET”

“कल तक जो चेहरा मुझसे था अजनबी
बन गया जाने कैसे मेरी ज़िंदगी
बनके लहू नसों में बहने लगा
रूह बनकर ज़िस्म में रहने लगा
हर घड़ी जो ख्वाबों में साथ थी
वो तुम ही तो थी मेरी ज़िंदगी
तेरे साथ चलना है अब उम्र भर
खुशियों की बगिया हो या हो कांटो की डगर
पाकर तुझे झूमने लगी ज़िंदगी
अंधेरी राहों में जैसे हो गयी रोशनी
लेकर बहारें साथ अपने आई हो तुम
होने लगा किस्मत पे अपने यकीन
तेरा साथ मिले हर जन्म ये दुआ है मेरी
तू वजह जीने की, तू ही मेरी ज़िंदगी
अब ना होना मुझसे तू कभी अजनबी
तू एहसास मेरा, तू ही ‘प्रीत’ है मेरी”

                                 SHWETA***


 


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MY POETRY


KKASH!!

चाहा है बहुत मग़र जता नही पाए
प्यार कितना किया ये बता नही पाए
समेट रखा था यूँ तो समंदर दिल में
मगर एहसास दिल के दिखा नही पाए

तेरे साथ जीने की कई ख्वाहिशें हुई
पाने की तुझे हर पल कोशिशें हुई
खो दिया फिर आज पाकर तुझे
कामयाब फिर मौसम की साजिशें हुई

कुछ वक़्त की बेवफ़ाई थी
कुछ किस्मत ना हम बदल सके
हम राही थे एक ही राह के
पर मंज़िल तक ना साथ चल सके

उलझी सी ज़िंदगी का कुछ फ़ैसला ना कर सके
तुझे भी रोकने का हम हौसला ना कर सके
दूर तुझसे न जा सके और साथ भी ना आ सके
है फ़क़त मेरा मगर तुझे अपना ना हम बना सके

ना दूर जाता तू हमसे
जो हम एहसास दिल के तुझे दिखा पाते
चाहते हैं कितना काश ये हम जता पाते
प्यार करते हैं कितना काश ये हम बता पाते…

-SHWETA***


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Untitled


मन कुछ परेशान सा है,दिल में तूफान सा है,
निगाहों का खामोश मंज़र
आज कुछ वीरान सा है,

कोई हलचल सी है अंदर,
कोई पीर का समंदर,
रह-रह कर उठती है लहर
मगर किनारा सुनसान सा है,

काश कभी मिल जाए हमको
जो चाहत है हमारी…
नहीं कुछ और हसरत है,
बस यही इक टूटा अरमान सा है,

कभी हमराह थी ये गलियाँ,
कभी हमराज़ थे ये नज़ारे,
पराई हो गयी मंज़िल
और रास्ता भी गुमनाम सा है,

जो कभी चहकता था
महफिलों की तरन्नुम बनकर,
कभी खिलखिलाता था
होंठों पे तबस्सुम बनकर,

आज वो शख्स खोया-खोया
खुद से भी अनजान सा है….

-SHWETA***


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Untitled


When you are with someone
who makes you Smile,
Someone who helps you
See how beautiful the Simple Things
in Life can be,
When you are with Someone..
with warmth to share
and kindness to extend
Someone who really knows you..
Then you know………………
You are with a “FRIEND”

“Happy Friendship Day”
wishing you all a cheerful Friendship Day~~~~~ Shweta***


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My Poetry


“KYUN”
पलकें बिछाये बैठी हूँ………..
क्यूँ अब तेरा इंतज़ार नहीं होता,
दिल में होते थे हज़ारों अरमान कभी,
क्यूँ अब इज़हार नहीं होता…
मैं  नादान समझी थी ज़िंदगी तुझको
अब जाना हर चाहत का नज़राना प्यार नहीं होता,
इस कदर टूटा है भरम मेरा…
कि अब किसी पर ऐतबार नहीं होता,
जानती हूँ, नहीं तुझपे है हक़ मेरा,
पर क्यूँ खुद पे भी इख़्तियार नहीं होता…

SHWETA***


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MY POETRY



लाख कोशिशें कर ली हमनें मगर
किस्मत का लिखा बदल न सका,

मैं ही गुनहगार हूँ शायद
जो कोई रिश्ता मुझसे सम्हल न सका,

बेवफा न कह दे ज़माना तुझको इसलिए
दर्द सीने का आँसुओं में ढल न सका,

तड़प के घुट जाता है सीने में कहीं
सैलाब दर्द का बाहर कभी निकल न सका,

बहुत कोशिश की मैने साथ चलने की
मेरा प्यार मगर वक़्त की रफ्तार से चल न सका…

-SHWETA***

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My Poetry


“EK PAL”


खुल के ज़ुल्फ़ें चेहरे पे बिखर जाने दो
नूर जन्नत का आज ज़मीं पे उतर आने दो,

रोशन है जिसकी रोशनी से ये समां
इस चाँद को ज़रा बदली में छुप जाने दो,

इस मध्यम रोशनी के आगोश में खो जाओ
तोड़ के हर बंधन सिर्फ मेरे हो जाओ,

कर लेने दो आज दीदार मुझे, मेरे चाँद का
और आकर तुम्हारी बाहों में मुझे मदहोश हो जाने दो,

बीते न ये रात ऐसी ख्वाहिश है जगी
इस रात के हसीन सपनो मे खो जाने दो,

करते थे जिस पल का इंतज़ार सदियों से
उस पल को आज मुकम्मल हो जाने दो….


                                      -SHWETA***


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MY FAVORITE


“मेरे दर्द का उन्हे भी एहसास हो जरूरी तो नहीं,
मेरी तरह एक दिल उनके भी पास हो जरूरी तो नहीं,

वो बैठे हैं शोर के इंतज़ार में,
दिल टूटने पर आवाज़ हो जरूरी तो नहीं,

कुछ अपने छूटे हमसे इस कारवाँ में,
किसी मोड़ पर मुलाकात हो जरूरी तो नहीं,

हम कैसे मुस्कुरायें उनकी बज़्म में,
महफिलों में बेहतर हालात हो जरूरी तो नहीं.”

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aakhir kyu


खुदा ग़र ये सच हैकी दिलों की मुहब्बतमें तू नज़र आता है,
तो क्यूँ टूटते हैंदिल……
और खुद तेरा वज़ूद क्यूँ बिखर जाता है….

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MY POETRY


”EHSAAS”

“मुद्दतों से जो बसी थी दिल में मेरे,
हाँ, बस वही हसीन तस्वीर हो तुम,

जिस हसीं ख्वाब की थी तमन्ना हमें,
उसी ख्वाब की हसीन ताबीर हो तुम,

देखकर तुमको दिल की धड़कने बढ़ गयीं,
हुआ महसूस हमें, हमारी तदबीर हो तुम,

जुदा होके तुमसे हमें यूँ लगा,
ढूंढते थे जिसे, वो हमारी तक़दीर हो तुम,”

-SHWETA***

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