dil ke ehsaason ne kalam ko yun chhua ki wo bol padi…
30 Sep 2011 @ 4:15 PM
पास बैठा करो…
कुछ वक़्त यूँही पास बैठा करो… ना मैं कुछ बोलू और तुम सब सुन लिया करो… साँसों में घुले हर एहसास को छू लिया करो… नज़रों के स्पर्श से रोम रोम सहला लिया करो… कुछ वक़्त यूँही पास बैठा करो…