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— वक़्त —

March 3rd, 2012 by Khyati Shah Leave a reply »

सालों से ठहरा है 
क्या पता क्यूँ ?

कहीं कोई गति नज़र नहीं आती 
सुना सुना सा है क्यूँ ?

दिन के चारो पहर एक से ही रहे
हवा भी शुष्क है क्यूँ ?

साँसे यूँ तो चलती है !!!
नब्ज़ जमी सी लगे क्यूँ ?

~ख्याति ♥

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