काश वो स्वप्न ही होते
काश वो स्वप्न ही होते
कम से कम आशाये ना होती
एक समय से शुरु और ख़त्म होते
उम्मीदे ना होती की कुछ मेरी सुने
और कुछ अपनी कहे
कुछ जवाब दे और कुछ प्रश्न करे
कुछ बांटे और कुछ बाते करे
कभी गुस्सा हो और कभी मनाए
काश वो स्वप्न ही होते
अपनी तरह ही उन्हें मानती
हर बात कहती और समझती
मुझे यु गलत ना समझते
क्योकि मेरा दिलो दिमाग
उनका ही होता पूरी रात
बहुत कुछ बोलना ना पड़ता
वो जानते की मै क्या हू
और क्या चाहती हू
काश वो स्वप्न ही होते
मेरे अहसास से शुरु और खत्म होते
कभी शक शुबह ना होते
बस दिल की गहराई से जीते
साथ साथ दिन रात
यु मेरे पीछे पड़ परेशां ना करते
ना दिल तोड़ते ना मन मारते मेरा
काश वो स्वप्न ही होते
जानना चाहते मेरी आरजू भी
मेरे जुनू मे हमनशी होते
ना छिपाते कोई बात कभी
ना कभी दुनियादारी दिखाते
क्योकि दुनिया के लिए तो हम साथ नहीं
जब छिपाते कुछ यु भीतर
उनकी परतो मे घुस मन जान जाती
काश वो स्वप्न ही होते…….

Thanks Nakul
1very nice dear
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