Skip to content


रोज एक माला का, टूट कर बिखर जाना

रोज एक माला का, टूट कर बिखर जाना 

ज़िन्दगी का मतलब है, धीरे - धीरे मर जाना

 

पटरियों पर यादों की, इस तरह से गुजरा वो

जैसे रेल गाड़ी का, जिस्म से गुजर जाना

 

सोच कितना मुश्किल है, अपनी खुश्ख आँखों से,

ज़िन्दगी की झीलों को, पानियों से भर जाना

 

जान ले गया मेरी, पास आके मंजिल के

ज़िन्दगी की गाड़ी, से उसका यूँ उतर जाना

 

तेरा घर भी जिसपे है, सोच कितना मुश्किल है

रोज उस ही रास्ते से, मेरा अपने घर जाना

 

रोज एक माला का टूट कर बिखर जाना 

Posted in Love.

No comments



तेरा ख़याल

दिल से तेरा ख़याल न जाये तो क्या करूँ?
तू ही बता तेरी याद आये तो क्या करूँ?
हसरत ये है की तुझे एक नज़र फिर से देख लूँ, 
किस्मत वो पल ही न लाये तो क्या करूँ??????????

Posted in Love.

No comments



तुम्हारी चिट्ठियां……….


रात है और है तुम्हारी चिट्ठियां


मतलब………………..


है तन्हाई और है तुम्हारी चिट्ठियां


 


लिख तो राखी है मगर भेजी नहीं


मतलब………..


है अभी तक सब कंवारी चिट्ठियां,


 


हम नज़र आयेंगे इक - इक हर्फ़ में


जब जलाओगे हमारी चिट्ठियां………….


रात है और है तुम्हारी चिट्ठियां 


 


निशी 


 


 

Posted in Love.

No comments



काश………………………………….

काश………………………………….


कभी यूँ भी हो कि दोनो का काम चल जाये…………

हवा भी चलती रहे और द़ीया भी जल जाये…………….



निश़ी

Posted in Uncategorized.

No comments



तेरे हिस्से का वक़्त



तुझ से अब कोई वास्ता तो नहीं है, लेकिन ……….


तेरे हिस्से का वक़्त आज भी तन्हा गुजरता है…”
http://t2.ftcdn.net/jpg/00/11/89/41/400_F_11894197_j...

निशी़

Posted in Love.

Tagged with .

No comments



तुमहे किसने कहा था कि तुम मुझे चाहो

तुमहे किसने कहा था कि तुम मुझे चाहो,


जो दम भरते हो चाहत का, तो फिर उसको निभाओ तो


 


दिये जाते हो ये धमकी, गया तो फिर ना आॐगा,


कैसे वापस आओगे…………………….,


कि पहले मेरी दुनिया से जाओ तो


 


तुमहें तो मैं भी पयारी हूँ, और अपना घर भी पयारा है,


निपट लेगें ज़माने से, तुम अपना घर बसाओ तो


 


तुमहारे सच कि सचचाई पर मैं कुबा॑न हो जाॐ,


पर अपना सच बताने कि तुम हिममत जुटाओ तो


 


तुमहे किसने कहा था कि तुम मुझे चाहो


जो दम भरते हो चाहत का, तो फिर उसको निभाओ तो


 


 


निशी


 

Posted in Love, Uncategorized.

Tagged with .

1 comment



Untitled





सा
 मे जो से वा,
छान्ड ले या देवा,

सुध ना ली  आवन् की,
सा की मन भा की!


निशी 

Posted in Uncategorized.

No comments



Miss U

two_missyou.jpg


 


Koi kahta hai deewana, koi pagal samajhta hai,


Magar dharti ki bechaini ko bas badal samajhta hai,


Mai tujhse door kaisi hu, tu mujhse door kaisa hai,


Ye tera dil samajhta hai ya mera dil samajhta hai.


 



 


Posted in Uncategorized.

4 comments



SAWAN








सा मे जो से वा,
छान्ड ले या देवा,

सुध ना ली  आवन् की,
सा की मन भा की!


निशी 

Posted in Love.

Tagged with .

No comments



Tumhare Liye



Jab wo mod aaye to paas jara ho jana,

muskarate hue phir hamse juda ho jana,

Ham na tardid karenge, na bura manege,

Ham par ilzaam rakh kar koi, khafa ho jana,

Yu ki phir koi na, duniya me kisi ko chahe, 

Chah gar jurm jai, tum iski saza ho jana,

Bandagi SHARTEIN - MOHABBAT thi nibah di hamne, 

Tumse ye kisne kaha tha ki KHUDA ho jana,

Jab wo mod aaye to…………….

n the turn is infront of us now………………….

MISS U A LOT……

JYOTI 

Posted in Love.

Tagged with .

2 comments