होली

होली  को शूद्रों का  त्योहार  क्यों कहते हैं


राष्ट्र-II

(अपने पिछले ब्लॉग “राष्ट्र” को आज complete कर रहा हूँ… )..अब आगे…भ्रष्ट आचरण होने के कारण आज हम दीन हीन हैं शक्ति संपन्न होते हुए भी शक्तिहीन हो गए हैं, ग्यान वान होने के बावजूद विग्यान का आयात हो रहा है. आज भ्रष्ट आचार भारत की नस नस में व्याप्त हो गया है. कुछ समय [...]


Chintan VIII

अब आगे …… आइए अब भगवान शिव को सामने रखते हैं … हम क्या कहते हैं शिव ज्योतिर्लिन्गम ( भगवान शिव के बारह (द्वादश ज्योतिर्लिन्गम) मत मशहूर हैं). अब ध्यान से शब्दों को देखिए ज्योतिर्लिन्गम …. अर्थात ज्योति की तरह के लिंग वाला. लिंग का एक अर्थ होता है पहचान. अब शिव लिंगो के देखिए [...]


Chintan VII

अब आगे …… सबके कॉमेंट्स से एक बात तो सिद्ध हो ही गई की भगवान एक ही है ….. अब अलग अलग धर्मो के अनुसार भगवान को पहचानते है ……… 1- सिक्ख - गुरु नानक देव जी के अनुसार - ” अवल अल्लाह नूर उपाया कुद रत के सब बंदे एक नूर से सब जग [...]


Chintan VI

अबआगे……(मेरे विचार के अनुसार) भगवान को परखने के लिए 5 कसौटियाँ 1- वो सर्वोच्च होगा - अर्थात् उसके ऊपर कोई नही होगा ना माता पिता, ना ही गुरु. 2- वो जन्मा मरण से न्यारा होगा - अर्थात देहधारी नही होगा, देहधारी का शरीर एक निश्चित समय के बाद नष्ट होना ही है ये प्रकृति का [...]


Chintan V

किम जी के कॉमेंट से शुरुआत करता हूँ ” एक नूर से सब जग उपजया ” क्या भगवान एक है या बहुत सारे हैं, हर एक धर्म के अनुसार अलग अलग? अगर हाँ तो क्या अलग अलग ढेर सारे भगवान हैं ??? अगर नही तो एक वो है कौन ?? हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई मुख्या [...]


Chintan

कभी अपने सोचा है, मै और मेरा का संबंध इससे ही शुरुआत होती है मै कौन हूं बैठिये एकांत में और सोचिए… शुरू कीजिए मै की खोज…. मत जाइये किसी की बातो पे बैठिये और अपने आप से बाते कीजिए और खोजने की कोशिश कीजिए … उत्तर आपको स्वयं मिलेगा ….लेकिन आपको कोशिश करनी होगी [...]