मेरी आँखें भर आई, उस निर्मोही के जाने का वक्त हो गया था, मैने आँखों ही आँखों में इल्तजा की थोड़ी देर और रूक जाते, दिल कर रहा था बस उसे अपलक निहारता रहूँ..वह भी आँखों ही आँखों में मुस्कुरा गया और बोला कुछ नहीं, दिन भर उसके आने की खुशी में पलक पावड़े बिछाये [...]
