गतन्ग से आगे रश्मि की सहेली का घर कुछ दूरी पर था दोनो भाई बहिन साथ साथ चल पड़े वहाँ उत्सव सा माहौल था मदमस्त संगीत बज रहा था
उनके घर का आगन् बहुत बड़ा था रश्मि काई सारी सहेलियाँ वहाँ पर थी सबने मिल कार एक दूसरे को गुलाल लगाया और सभी फिर
न्रत्य् मे मशगूल हो गयी वैभव भी उन्ही गे साथ था उसने पानी दीदी का हाथ पकड़ कर खूब नाचा उस दिन उसने खूब मजे किए
अब काफी वक्त हो गया तो रश्मि ने घर चलने को कहा अपनी सहेली से इजाजत ले कर वो घर को चल दिए जैसे ही वो घर के मोड़ की तरफ
मुड़े थे उन्हे सामने से एक जलूस आता दिखाई दिया होहल्ला करते लोग बदरंग से रंगों मे रंगे थे उनके उपर कौन सा रुंग लगा था ये पता नही
चल रहा था उनके कपड़े फटे हुए थे कुछ ने तो गले मे खाली बोतले टांग रखी थी वो किस त्योहार की किस परंपरा का मुजहरा कर रहे थे शायद
ये उन्हे भी नही पता था कुछ लोग तो नशे मे धुत से झूम रहे थे कुछ लोग तेजी से आगे बढ़े वो वैभव को खीच कर झुंड मे लेगाए और उसे रंग से
पूरा पोत दिया ये देख कर रश्मि घबरा गयी वो तेजी से चीखती हुई घर की तरफ दौड़ी जब तक घर के लोग पहुचते हुजूम वैभव को वाही छोड़ कर
आगे को चल पड़ा सब लोग वैभव को उठा कर घर ले आए उसे कई जगह पर चोट लगी थी उसकी आँख नाक और मुह मे रंग भर गया था वैभव बेसुध सा
हो गया था बार बार वो यही कह रहा था मैं होली नही खेलूँगा मैं होली नही खेलूँगा घ्र के सभी सदस्य दुखी और नाराज थे उनकी तकलीफ
इस बात से ज्यादा थी की वैभव को कितना कष्ट हुआ होगा उसकी बेरंग जिंदगी मे रंगो का त्योहार इस प्रकार के रंग ले कर आएगा ऐसा शायद किसी ने
ख्वाब मे भी ना सोचा था
दोस्तों त्योहार किसी भी तरह का हो वो हमारे जीवन् मे खुशिया लेकर आते है लेकिन खुशिया मानने का का बतलब ये नही की हम दूसरों की तक़लीफ़
को नज़र अंदाज़ कर दें या अपनी खुशी मे मदमस्त होकर दूसरों को तक़लीफ़ पहुचाएं त्योहार हमारी बरसों पुरानी सभ्यता एवम् संस्क्रती
से जोड़ कर रखते है और हमरी सभ्यता सभ्य और शालीन समाज से होकर आई है ये हमे कभी नही भूलना चाहिए
Friends' Update
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Rang Jindgi me Rangin Mahol dete hai, Sach ye story padhkar ye lagta hai ki eise hi log Rango ko Berang bana dete hai, Rang to jindgi me khushi ka rang bharne ke liye hote hai na ki berang karne ke liye.
Rang Jindgi me Rangin Mahol dete hai, Sach ye story padhkar ye lagta hai ki eise hi log Rango ko Berang bana dete hai, Rang to jindgi me khushi ka rang bharne ke liye hote hai na ki berang karne ke liye.
Really, If people enjoy they must not trouble others. Why ppl overlook it. Very nice post.
Devji, We everyone know holis is our festival of fun, but we keep in mine that not to trouble others…. nice story….KETANSINH
Dev ji, Bilkul sahi baat kahi hai aapne… Hum sabko is baat ka khayaal rakhna hi chahiye !!!!
A very nice story with a powerful n good moral teaching…….keep going n be happy!!
nice posts……holi is our festival of fun….but we must not trouble others!!