Updates from June, 2009

  • हदे इंतजार....

    manisha 11:40 pm on August 22, 2009 | 37 Permalink | Reply



    हद इंतजार की हमें यहां तक लाई,
    हर आहट पे दिल में लौ सी जले.


    ढूंढा हर कदमों के निशां में,पर
    हर कदमों पे एक नई राह सी दीखे.



    हर रात है जैसे उलझनों का समंदर,पर
    हर रात में एक सुबह सी पले.



    हो चूके बेजुबान सारे शब्द,पर
    तेरी हर नझर में एक जुबां सी खुले.


    तन्हाई में भी कहां तन्हा हम थे,
    तेरी यादें पल पल काफिले सी चले

    -मनीषा



     
  • तेरा जाना....

    manisha 7:12 am on August 12, 2009 | 39 Permalink | Reply



    तुम्हारे इंतजार की ये इन्तिहा थी
    हर आहट में तुम्हारी निशानी थी..


    हर लम्हा तेरे गम में बोझिल सा
    हर पल जैसे कातिलाना थी…


    बैरी ये रात भी चलती नही
    निंद भी जैसे चिलमन पे जमी सी थी…


    तेरे आने की उम्मीद बिखरती रही
    पर सांसे चल रही थी,एक तसल्ली सी थी…


    हर मोड पे मिल रही थी मुझे नये रूप में
    जिंदगी मुझसे अजनबी सी थी…


    -मनीषा



     
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