है कभी रास्ता,कभी मंझिल सी,
कभी कदमों मे जमी सी जिंदगी.
कभी एक मोड,कभी ढलान सी,
कभी उलझे दौराहे सी जिंदगी.
कभी खंडित आशाओं से सिसकति सी,
कभी उन्हीं आशाओं से पली सी जिंदगी.
हर सांसो से सिल रही सी कभी,
कभी लम्हों में बटीं सी जिंदगी.
समय के दिये झख्मों,सवालों से क्षुब्ध सी,
कभी खुद से झिझकती सी जिंदगी.
कभी लगती पल पल पेह्चानी सी उसकी,
पर कभी लगती बेगानों सी जिंदगी.
-मनीषा
Updates from June, 2009
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दौराहे सी जिंदगी
manisha