वे मिले
शाम थोड़ी रंगीन है आकाश भी थोडा-थोडा झुकने लगा है वासंती हवा के झूले हैं और आसपास महकते फूलों की नाजुक जुम्बिशें भी पार्क का एक कोना और कोने में घसियाली जमीन पर बिछी बेंच और वे दो एक लड़का और एक लड़की और है दोनों के मध्य कुछ-कुछ सकुचाती हुई शर्म वे पहली बार जो मिले हैं दोनों के चेहरे एक दूसरे के सामने बिछे हैं प्रश्न पत्रों की तरह पहली परीक्षा और दिल में धकधक लड़की ने ढूंढ निकाला है लड़के की आँखों में सारा आकाश और लड़के की आँखें जैसे दो अचंभित भँवरे जिनके सामने अचानक रख दिया गया है दुनिया का सबसे सुन्दर गुलाब लड़का करीब जाना चाहता है लड़की ने अभी-अभी पलकों को किया है बंद और खोल दिए हैं ह्रदय के कपाट लड़के के भीतर उबल रहा है सूरज और लड़की के अंतर से बहने लगी है चांदनी और फिर शाम के धुंधलके में वह पहला स्पर्श दोनों ने थाम लिया है एक-दूसरे का हाथ लड़के के हाथ लगी एक देह और लड़की ने ओढ़ ली है छाँव ——गोपी

