बिजली की कड़कड़ाहट और बारिश में काँपते हुए उसके कदम मंदिर की सीडियों पर लड़खडाकर पसर गये. आसमान एक दम स्याह हो गया था. तेज हवा भयंकर गर्जना के साथ पेड़ों को जैसे जड़ से उखाड़ देना चाहती थी. वह किसी तरह् से रेंगता हुआ मंदिर के अंदर घुस गया. अपने खून से सने हुए [...]

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