Archive for November 10th, 2009
SAMBANDHON KE TAANE BAANEY
Posted by Aameen Khan in Fantasy on November 10th, 2009
खूब लिखी काव्य रचनाएँ
मगर शब्द-भण्डार अधूरे रहे
सम्बन्ध बनते गए नए नए
मगर "प्रेम पथ" सूने रहे
देखे संबंधों के ताने-बाने
और समझ आया मूल्य आंसुओं का
घाव ताजा होते रहे पूराने
और दर्द-ए-जिगर दिल में बस्ते रहे
याद वोह कराते रहे और हमें
पूराने रिश्ते याद आते रहे
सीख लो जिंदगी के मायने अब भी तुम
नहीं तो बरसों बाद भी कहते फिरोगे
प्यार की राह पर हम अकेले रहे.
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