Archive for November 24th, 2009

YEH VAADA RAHA

चलो साथ दीलबर, ऐसी वादियों में

जहां आसमान ज़मीन को चूमता हो,

पहाड़ का पर्दा हो, की कहीं ज़मीन शर्मा जाये

और हो हम और तूम, एक दूसरे की बाँहों में

एक दूसरे को सम्हाले, चले जा रहे

अगर ठोकर लगे तो मुजे सम्हालना तूम

अगर थक जाओ तुम बाहों में उठा लेंगे हम

और हम पार कर लेंगे यह सफ़र ज़िंदगी का

हो साथ साथ अगर तुम और हम

मत बिछड़ना बीच रास्ते में कहीं तूम

मत छोड़ना हाथ कहीं बीच रास्ते में तूम

ऐसा कूछ होनेसे पहले ही गूम हो जायेंगे हम

और अपनी नयी दूनीया में खो जायेंगे हम

मैं बन जाऊँगा आसमान और ज़मीन तूम …….

…………………………………………aameen

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