Archive for December 10th, 2009
AYE…….. MERI ZINDAGI
Posted by Aameen Khan in Fantasy on December 10th, 2009
नज़रों से देखा है तूम्हे
आँखों में बसाया है तूम्हे
काजल लगाकर छूपाया है तूम्हे
प्रेमभरी यादों में सवारा है तूम्हे
सपनो के रथ पर बैठाया है तूम्हे
पलकों की नमी में छूपाया है तूम्हे
आंसुओं की वेदनाओं में अपनाया है तूम्हे
ओठो की मूस्कूराहट से सजाया है तूम्हे
हर साँस मे, दिल की हर धड्कन में जाना है तूम्हे
जिन्दगी के हर-एक क्षण मे; सूख में दूख में
साथ् रहोगी मेरे यही सब मान कर, अए मेरी जिन्दगी,
मैने इस तरह से सजाया है तूम्हे………….
………………………………………aameen
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