rediff.com

Archive for March 16th, 2010

BEEN TUUM…………

 
http://datastore.rediff.com/h5000-w5000/thumb/58656664585B5C6962636D/94acf1x5kk5h1927.D.0.np105.jpg

तुम्हे
 याद करू तो अपना अस्तित्व लगे है


तुम्हे दिल मे रखु तो दिल खूश रहता है


जहा तूम नहीं वहां उदासी घेर लेती है  


तुम्हारी याद बिना यह दुनिया बेसुरी लगती है


 


तुम्हारी कल्पना करता हूँ और  


मेरी हरेक कल्पना रंगीन हो जाती है


उन्ही रंगों मे भी अनेक रंग समां जाते है


उन्ही रंगों मे इक प्रेम का रंग होता है


जो तुम्हारी जिस्म की महक का आगाज़ करता  है


 


हम तुम्हे  याद करने  लग जाते है


और तुम्हारी यादों  मे अपना अस्तिव खोजने लगते है.


 …………………………………aameen

19 Comments

Copyright © 2014 Rediff.com India Limited. All rights Reserved.  
Terms of Use  |   Disclaimer  |   Feedback  |   Advertise with us