Archive for March 19th, 2010
TERI JUUDAAYI
Posted by Aameen Khan in Fantasy on March 19th, 2010
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हुए जख्म दिल पर और आँखों को असर हो गयी
प्यार में मेरी बर्बादी दुनिया मे मशहूर हो गयी
नहीं समझ मे आती आज भी तेरी जुदाई की वजह
ख्यालों में खो
प्रेम पथ पर बनाया था इक सपनों का महल
विश्वास के दीवारों पर आज इक दरार हो गयी
मेरी कब्र पर इक दिन निकल आएगी घासफूस
दूनिया कहेगी देखो हरियाली ही हरियाली हो गयी…………
…………………………………………….aameen
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