में आज अपने आप से खफा हुं ,जो उसके चहेरे की मायुसीयां ना पड सका ,पर क्या करुं उसकी याद में ऐसा खोया की ,उसकी मुश्कुराट के पिछे का दर्द ना पड सका…..
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में आज अपने आप से खफा हुं ,जो उसके चहेरे की मायुसीयां ना पड सका ,पर क्या करुं उसकी याद में ऐसा खोया की ,उसकी मुश्कुराट के पिछे का दर्द ना पड सका….. क्युं रुलाते हो हमें,क्युं भुल जाते हो हमें,तेरे ही सहारे तो जी रहे है हम,तो फिर क्युं अकेला छोड जाते हो हमें…….. हर बात कॉ छुपाना आता है तुम्हे,रुठों को मनाना आता है हमें,रुठे हो तुम ना जाने किस बात पर,तो फिर वोह बात कयुं नहि बताते हो हमें….. जान जाती है हमारी,जब याद आती है तुम्हारी,तुम [...] ना तो यादो को याद रखते है,ना ही सपनो को साथ रखते है,हम तो बस उनको याद रखते है,जो हमें दिल के पास रखते है…… रात देर तक जाग के देखा, कोई सितारा बुझा नहीं था……. मैं ही अकेला था महफ़िल में, फ़िर भी मुझ पर फ़िदा नहीं था….. चाँद भी मुझ सा फिक्रमंद था, मेरे गम से जुदा नहीं था……… कैसे मजा तुम दर्द का पाते , इश्क किसी से हुआ नहीं था………. सोचा की कुच्छ बताऊ अपनी दिल [...] जब भी किसी को करीब पाया है,कसम खुदा की वहीं धोखा खाया है,क्युं दोष देते है हम कांटो को…झखम तो हमने फुलों से पाया है…….. मेरे मेहकते नग्मो पे ना जा,मेरे सिने मे भी कई गम है,मेरे होठो पे दिखावे का तब्ब्सुम है,मगर मेरी आखों मे उदासी के दिये जलते है……. खयालों में मेरे आते है वोह्,सपने हझार दिखाते है वोह्……..गीत कानों मे गुनगुनाते है वोह्,युं राझ दिल के बताते है वोह्….हमको हम ही से चुराकर वोह्,दिल मे अपने छुपाते है वोह्…….जिन बातों से मन भरता नहि हमारा,वोह ही बातें बार बार सुनाते है वोह्……ना कोइ गिला ना कोइ शिकवा,हर हाल मे मुश्कराते है वोह्…..हमारी हथेली [...] तुजसे मिलने की आश में जी रहा है कोई, इतना भी जालिम ना बन झहर पी रहा है कोई… मोहब्बत करके ना निभाना बेवफाई होती है,तेरी बेवफाई का ईलजाम अपने सर ले रहा है कोई… गर भुलाना ही था तो मेरे प्यार को ना आजमातेतुजको पाने के लिये हर इम्तिहान से गुजर रहा है कोई….ना और सितम [...] सब से छुपाकर दर्द जो वोह मुश्करा दिये,उस की हसीं ने तो आज हमें रुला दिया…. लहेजे से उठ रहा था हर इक दर्द का धुवां,चेहरा बता रहा था की कुछ गवां दिया…. आवाझ में ठेहराव था,थी आखों मे नमी,ओर कहे रहे थे कि मेने सबकुछ भुला दिया…. जाने क्युं उन्हे लोगों से थी शिकायतें,तन्हाईयों के देश [...] दिल में ये अब भी गुमान बाकी हैमेरी जवानी की आन बाकी है…….हैरतों से तक रहे हो क्यों मुझेबूढ़ी हड्डियों में जान बाकी है…….उम्र न तू देख मेरी लग गलेशाम के रंगों की शान बाकी है……..क्या हुआ जो वक्त काफ़ी जा चुकादिल पे उल्फ़त का निशान बाकी है……..गो कि साथी मयकदा है अब खलिशमेरा इखलाक-ओ-ईमान [...] |
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