बांसूरिया तेरी मन मोहन बहुत हम को सताती है
ये बैरन बाँस की बंसी हमारे दिल जलती है/ बांसूरिया तेरी मन मोहन….
करू किया मैं कहाँ जाऊँ
तुम्हारा अंग संग पाऊँ
ये सौतन ही न जाने कियों - तुम्हारे मन को भाती है./ बांसूरिया तेरी मनमोहन…
तड़फ़्ता है हमारे दिल
आधार रास पान करने को
मगर रह रह के ये बंसी - लबों पर शोभा पाती है/ बांसूरिया तेरी मनमोहन…..
भ्रमर बन पुष्प माला का
मैं इतराऊ मैं इठलाऊँ
भले मुरली अधर पर हो-हृदय माला लुभाती है/ बांसूरिया तेरी मनमोहन..
बांसूरिया तेरी मनमोहन बहुत हमको सताती है
ये बैरन बाँस की बंसी हमारा दिल जलती है……
महेश शर्मा ‘भ्रमर’
1.9.2009
sunder chhavi………..aur bahut hi sunder rachana………….
touchingly beautiful.
bahut sundar rachna aur sundar kanhaiya aur yasoda ma ki tasveer …..
BAIRAN BANSURI SAUTAN BANI……SUNDER….