वो प्यार मै कहाँ से लाउ , जिससे मै तुझे अपना बना उवो बंधन मै कहाँ से लाउ, जिससे मै तुझे बाँध पौऊ
वो सपने मै कहाँ से लाउ,जिसमे मै तेरी दरश पौऊ
वो दुनिया कहाँ से लौऊ, जिसमे तुझे ख़ुश रख पौऊ
वो नूर कहाँ से लाउ,जिससे मै तुझे राह दिखौऊ
वो जज़्बा कहाँ से लाउ, जिससे तेरे बिन जी पौऊ
वो हाथ कहाँ से लाउ,जिसे पकड़ मै जीवन पार लागौऊ
तू लौट के आजा मेरे पास, अब मै धीरज कहाँ से लाउ
कैसे मुस्कुरौऊ,कैसे न आँसू बाहौऊ, मै तेरे बिन जी न पौऊ
हर पल मै तुझे बुला उ,कैसे तेरा प्यार मै भूल जौऊ
जान से भी प्यारा है तू,ये तुझे मै कैसे समझोऊ
वो प्यार मै कहाँ से लाउ,जिससे मै तुझे अपना बना उ