दर्द का ये अफसाना है तो बड़ा पुराना बुना है जिसमे तेरे मेरे प्यार का तराना कुछ गम है तेरा कुछ दर्द मेरा कुछ तन्हाइया तेरी कुछ दीवानगी मेरी सिमटा है जिसमे तेरे मेरे जज्बांतो का फ़साना कुछ हसरतें हैं और कुछ मेहरबानियाँ कुछ आरजुएँ है और कुछ वीरानियाँ कैसा खूबसूरत बन गया है ये तेरा मेरा ठिकाना
SARA