मेरा गॉव

भारत की हृदय स्žथल म0प्र0 मे बसा जिला विदिशा,

विदिशा जिला की तहसील कुरवाई अशोक नगर, विदिशा मार्ग, बीच बसा गॉव बरबाई,

तालो का गॉव है पूर्व मे महमाई है बैठी, उत्žतर मे नरसिंह भगवान,

दक्षिण मे ताल सिद्व का, पश्चिम मे पीर महराज,

बीच गॉव मे समाधि है पूरण महाराज, की

जहॉ होते दुखियों के दुख दूर है,

जय भारत माई, जय बरबाई की


छोटे चुनावž

नगर पालिका निगम के चुनाव आ गये यह चुनाव व्žयक्तिगत चुनाव होता है, जितने छोटे-छोटे चुनाव होते है उन मे व्žयक्तिगत बुराईयां अधिक होती है, किसी के साथ खडे हो बुराई किसी के साथ बहार आ गये बुराई कोई घर आ गया बुराई, कल मे अपने साथी के साथ खडा था वह चुनाव लड रहा है, उसके विरूद्व एक रिश्žतेदार चुनाव लड रहा है, उसके के साथ खडा था रिश्žतेदार ने देख लिया तुरन्žत घर फोन कर दिया यह क्žया है चुनाव मे बुराई के अलावा कुछ नहीं होता है इसलिये रातनीति से अच्žछे लोग दूर हो रहे है, चुनाव को लोकतंत्र के हिसाब से लड्ना ठीक है, ना कि बुराई के हिसाब से हार जीत से बहुत दूर की चीज है लेकिन बुराईयां अधिक है जो बुराई कई दिनो तक बनी रहेगी, कभी कभी सामने आने के बाद भी नहीं मिलेगे, कौन जीता कौन हारा 


Muncipal

नगर पालिका निगम के चुनाव क्žया आये नये नये नेता मेढ्कों की तरह उचक रहे हैं जहॉ देखो वहॉ अपनी ही जीत के दावे कर रहे है और हर नेता को हराने का सपने देख रहे हैं, महिला आरक्षण के नाम पर नेताओं की बीबीयां बहने माता चुनाव लड् रही है जमीनी महिला नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है खण्žडवा मे मंत्री के बीबी तो भोपाल में मंत्री की बहू विदिशा में मंत्री जी की पुत्री चुनाव में हैं , इन्žदौर में कांग्रेस प्रदेशाध्žयक्ष एवं महिला कांग्रेस अध्žयक्ष को चप्žपल से मारने की बात की जा रही है, सिमी कार्यकर्ताओं द्वारा एटीएस के जवान को गोली मार दी गई लेकिन नेता अपने समर्थकों को चुनाव जिताने में अडे हुये है उन्žहें देश से कोई मतलब नहीं चुनाव आते ही जातियों के समूह अपने अपने समाज की बैठक कर के समाज के ठेकेदार बनने का सपना देखने लगते है, जातीगत चुनाव समीकरण बनाने लगते है सही मायने में फुर्सतियों को समय बिताने का मौका मिल जाता है शराबियों को मुफत मे शराब मिल जाती है, रिक्‍शा आटो वालो को चुनाव प्रचार करने से कमाई बड जाती हैा

जय चुनाव बाबाा


Raj Tackeray

Raj Tackeray Jo Desh ko Batne ka Kaam kar rahe hai. Wo Ya to ye nahi Jante ki Maharashta ka Nav Nirman Karne ke liye Pahle Mitana Padega, Ya Maharashta ko Or Desh Ko Mitane ke liye Kishi Deshdrohi ke Hath ki Katputli ban gaye hai and Janta ko Gumrah kar rahe hai. Wo Paisa Kamane ke liye desh ko todna chahte hai kyoki wo jante hai ki aag ugalne se police and Prashasan ka dyan unki our ho jawega our deshdrohi (Atankwadi) aaram se Mumbai and Desh ke anya Kono par akraman kar denge our desh ko tode denge.

Maharashta ko Tod kar Nav Nirman Karne se achchha hai Maharashta ka Interior karte to achchha hai. Pata nahi Maharashta SrakarNe Raj Tackeray se Koun see Soude waji kee hai ki Itnee Aag Uglne par bhi Unhe girftar nahi kar rahi hai Gunda Raj Tackeray ko Rashtiya Surksha kanoon (NSA) POTA, TADA Jitne bhi Desh Droh ke Kanoon hai ke antargat Girftar kar lena chahiye tha. Hamari Rashta Bhashha Hindi ka Apman ek Desh Premi Hindustani Bardast Nahi kar sakta hai. Desh ke Home Minister par sharm aa rahi hai wo itne shant kaise hai Desh ko Dhamkiya Khuleaam di ja rahi hai our Sarkare shant baithe hai. Jai Hind


Dil Ki Gujarish

Dil ki Gujarish thi ki aap sath rahe,

      ye malum na tha ki gujarish ko thukra dete hai log.

 Haste rahte the hum gujarisho ke bhich mai.

       Gujarisho ko kabhi suna na kisi ne.

 Gujarish karte rahe hum Jindagi bhar.

     Jindagi hi gujarish ho gayee hamari.

Na jane Gujarish kab puri hogi hamri.

    Gujarisho se kahna Darte hai log.

      Gugarisho ke Bharoshe ji rahe hai hum

      Dekhte hai kab gujarishe puri hogi hamari.


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sathiyo


Hi I Praveen  Aliya From Ganj Basoda


milte raho

प्रियेसाठ