Kittu Speaks - 4
(Fantasy)
मोटे अंकल और छोटे पप्पीस
आज सन्डे है! पर जब मै सुबह उठी, तब तक बारिश रुक चुकी थी! पर कोई बात नहीं, ऐसे भी पापा बारिश में खेलने नहीं देते. तो जल्दी से ब्रश किया, और हमारे बिल्डिंग के सारे बच्चे नीचे उतर आये. हम सब बाईसाइकिल चलाने लगे. तभी एक मजेदार बात हुई. एक बहुत मोटे से अंकल अपने फ्लैट से निकल कर बाहर निकले. वो बहुत मोटे थे और जब वो चलते थे तो उनका पेट हिलता था हीहीही :) उनके सर पर बाल भी नहीं थे. और वो फ़ोन पर बात कर रहे थे और चले जा रहे थे. मैंने देखा की सब दोस्त साइकिल चलाना भूल कर उन्हें ही देख रहे थे. जब हमने एक दूसरे को देखा तो हम सब बहुत जोरों से हँस पड़े :) फिर हम उनके पीछे धीरे-धीरे चलने लगे, और हम सब हँस रहे थे :) उन्हें पता ही नहीं था कुछ भी. तभी ऐसा हुआ की वो पीछे मुड़े और हमें देखा. जैसे ही उन्होंने हमें देखा, उनका पैर फिसल गया, बारिश के पानी पर और वो गिर गए. उनके फोन की भी बैटरी निकल गयी और दूर जा गिरी. ये देख कर अंकित जोरों से चिल्लाया: “मोटे अंकल!!!” मुझे उस पर बहुत गुस्सा आया. वो अंकल हमारे कारण ही गिरे थे, और हम हँस कैसे सकते थे? अच्छा हुआ बाकी बच्चे मेरे जैसा सोचते थे. हम सब उनके पास गए और उनकी मदद की.उनका फ़ोन उठा कर उन्हें दिया और वैभव ने उनके पेन्ट को भी झाड़ने की कोशिश की :) अंकल बहुत अच्छे थे, उन्होंने हमें बिलकुल नहीं डाटा, और कुछ नहीं कहा, बस उठे और जाने लगे. तभी स्वाति ने एक बहुत टचिंग काम किया. उसने अपने साइकिल के बास्केट में रखे फूल अंकल को दे दिए. अच्छे अंकल ने थंक-यू कहा. मजा आया.
एक बात और बतानी है. हमारे सोसाइटी में अचानक तीन नए दोस्त आये हैं! छोटे छोटे तीन पप्पीस! बहुत छोटे हैं वो और खूब दौड़ते हैं. एक काला है, एक भूरा है, और एक ग्रे कलर का है. ब्लैक वाला मेरा फेवेरेट है, ऐसे तीनों कितने प्यारे हैं! हम सब उनके साथ हर शाम को खेलते हैं, और उनके लिए घर भी बना दिया है. उनकी मम्मी कभी कभी आती है, पर हमें मना नहीं करती. जब से वो क्यूट पप्पीस आये हैं, हम सब बहुत बहुत खुश हैं. ओके, अब मै जाती हूँ.
(Rahul)
