आओ साईं - माँ की ममता के आगे तो, सारा जग भी छोटा है
October 17th, 2011 by ramnath rajaram
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ॐ सांई राम
फ़कीर भी तू
साधू भी तू
और पीर भी तू
कोई मिटा न सके जिसे
हाथो की वो लकीर तू
तू समाया हे सब में
साईं सब की तकदीर तू
बाबा जी के 11 वचन
1. जो शिरडी में आएगा,आपद दूर भगायेगा
2. बड़े समाधि की सीडी पर, पाव तले दुःख की पीडी पर
3. त्याग शरीर चला जाऊँगा ,भक्त हेतु भागा आऊँगा
4. मन मे रखना पूरण विश्वास ,करे समाधि पूरी आस
5. मुझे सदा जीवित ही जानो ,अनुभव करो सत्य पहचानो
6. मेरी शरण आ खाली जाये,होतो कोई मुझे बताये
7. जैसा भाव रहा जिस जन का,वैसा रूप रहा मेरे मन का
8. भार तुम्हारा मुझ पर होगा,वचन न मेरा झूठा होगा
9. आ सहायता ले भरपूर ,जो माँगा वह नही है दूर
10. मुझमें लीन वचन मन काया, उसका ऋण न कभी चुकाया
11. धन्य-धन्य वे भकत अनन्य ,मेरी शरण तज जिसे न अन्य.
माँ की ममता के आगे तो,
सारा जग भी छोटा है
SMILE WITH
RAMNATH
Posted in आओ साईं - Sai Sandesh
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