कुछ दर्द तो सिने से लगाने के लिए है!
अश्यार मेरे यू तो जमाने के लिए है!
कुछ शेर फकत उनको सुनाने के लिए है!
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अब ये भी नही ठीक के हर दर्द मिटा दे!
कुछ दर्द तो सिने से लगाने के लिए है!
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आखों मे बसाओगे तो काटो से चुभेंगे!
कुछ ख्वाब तो पॅल्को पे सजाने के लिए है!
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अपनी तन्हाई की पलकॉको भीगोलूं पहले!
फिर ग़ज़ल तुजपे लिखू बैठके रोलू पहले!
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दस्तकोने वो दाग दिए है कैसर!
के वो भी आजाए तो दरवाजा ना खोलू पहले!
