जा रहा था कि देखा एख नज़ारासोचने पर मजबूर हो गयाक्या यही तरीका है पुण्य जुटाने का ?
हुआ यों कि,एक बेचारा चीथड़ो में लिपटा हुआपड़ा था अधलेटा साएक मंदिर के चोखट पेभगवान की मूर्तियाँ थी स्थापित जिसमें.
तभी प्रकट हुए एक “दिव्य पुरुष”सौम्य, सभ्य, तेजस्वी मुखमंडलजैसे विष्णु ने लिया हॉ अवतारदेखते ही [...]

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