Skip to content


“Khamosh Dua”

Khamosh Dua

भूल जा मेरे दिल नादाँ उसे, कर उसे याद आज के बाद

इन् पलों को यूँ रुखसत कर

बचपन बीत गया है खेल खेले में,

अब कर यूँ जिंदगी बर्बाद इस प्यार झमेले में,

जो पल बीत जाए ख़ुशी से , उस पल को ही समेत ले तू,

जिसने गाड दी तेरी यादें किसी रहा में आते गढे में,

कर ली एक नई शुरुआत जिंदगी की ,

मत कर अब तू उसके लौटने का इंतज़ार

कुछ यूँ दिमाग ने समझाया मेरे नादाँ दिल को,

क्या और कैसा समझ में आया इस नादाँ दिल को

बस हाथ उठा कर दुआ मांग ली मैंने……

बस चैन जाए , पल पल भटकते मेरे दिल में …..

- SHAN (Shahanawaj)

Posted in Poetry.



One Response

Stay in touch with the conversation, subscribe to the RSS feed for comments on this post.

  1. yasar arafat says

    its reality