कुछ इस तरह तेरी पलके मेरी पलकों से मिला दे,
आंसू तेरे सारे मेरी पलकों पे सजा दे,
तु हर घड़ी हर वक्त मेरे साथ रहा है,
हां ये जिस्म कभी दूर कभी पास रहा है,
जो भी गम हैं ये तेरे उन्हें तु मेरा पता दे,
कुछ इस तरह तेरी पलके मेरी पलकों से मिला दे,
आंसू तेरे सारे मेरी पलकों पे सजा दे,
मुझको तो तेरे चेहरे पे ये गम नहीं जचता,
जायज नहीं लगता मुझे गम से तेरा रिश्ता,
सुन मेरी गुजारिश इसे चेहरे से हटा दे,
कुछ इस तरह तेरी पलके मेरी पलकों से मिला दे,

आंसू तेरे सारे मेरी पलकों पे सजा दे…।
आंसू तेरे सारे मेरी पलकों पे सजा दे,
तु हर घड़ी हर वक्त मेरे साथ रहा है,
हां ये जिस्म कभी दूर कभी पास रहा है,
जो भी गम हैं ये तेरे उन्हें तु मेरा पता दे,
कुछ इस तरह तेरी पलके मेरी पलकों से मिला दे,
आंसू तेरे सारे मेरी पलकों पे सजा दे,
मुझको तो तेरे चेहरे पे ये गम नहीं जचता,
जायज नहीं लगता मुझे गम से तेरा रिश्ता,
सुन मेरी गुजारिश इसे चेहरे से हटा दे,
कुछ इस तरह तेरी पलके मेरी पलकों से मिला दे,
आंसू तेरे सारे मेरी पलकों पे सजा दे…।
wah wah bahut khub……. sahi maine me pyaar ki mahek aati hai aap ki iss rachna se…. har alfaaz pe dil se daad nikalti hai…… excellent…… “कुछ इस तरह तेरी पलके मेरी पलकों से मिला दे,
आंसू तेरे सारे मेरी पलकों पे सजा दे…”