भगत ने कहा ,मा आजादी को दुल्हन बना लाऊँगा
उतारना बलाइयां,उसके हाथों में बजती खन्न-खन्न सुनवाऊंगा!!
गर ना ला सका तेरे लिए आजादी ए मा,ए मेरे वतन!
तेरी चोखट को चूम फाँसी पर चढ़ जाऊँगा!
मेरे जाने पे ना सोचना तेरा भगत चला गया!
तेरी गोद में लाखों भगत छोड़ जाऊँगा!!
इक-इक तेरी राह पे चढ़ाता जाएगा अपने सरों को!
एसा उनके दिल में जज़्बा भर जाऊँगा!!
देख लेना ले कर रहेंगे आजादी हम हर हाल में!
आजादी पाने को जनम दर जन्म लोट आऊँगा!!
कहना अपने बच्चों को याद रखें तेरे भगत को!
आजादी मिलने पर मैं भी उनके साथ जशन मणाऊँगा!!!