आज मिथक और विग्यान कथा के संबंध पर कुछ चर्चा कर ली जाय .मुझे माफ करना दोस्तो अगर यह कुछ अजीब सा लगे क्योंकि यह शायद ब्लाग के प्रकृति से अलग दिखे .ब्लाग केवल हल्के फुल्के मामलों के लिए ही है ,मसलन हाले दिल को बयांकरना आदि आदि .लेकिन मैं समझता हूँ कि इस सशक्त संचार माध्यम से थोड़ी सी गंभीर चर्चाएं कर ली जाय तो कोई गजब नही हो जाएगा .इसलिए यह चर्चा .मैने अपने अंग्रेजी चिट्ठों पर विग्यान कथा के बारे मे चरचा की थी .यह वह साहित्यिक विधा है जो विग्यान और प्रौद्योगिकी मे दिन दूनी,रात चौगुनी गति से हो रहे बदलावों के चलते हमारे समाज पर पड़ने वाले भावी प्रभावों का एक काल्पनिक चित्रण प्रस्तुत करती है .
जिन्हे मिथकों मे थोड़ी रुचि है उन्होने भविष्य पुराण जरूर पढा होगा .इसमे भी भविष्य के बारे मे काफी पूर्वानुमानों की झलक है .यही बताता है कि आगे चलकर एक कल्कि अवतार होगा जो बहूत आक्रामक होगा ,यह अवतार घोडे पर सवार होकर आततायियों का नाश /संहार कर डालेगा .रामचरित मानस मे उत्तर काण्ड में गोस्वामी तुलसी दास ने कलयुग का लोमहर्षक वर्णन किया है .मुझे जानकारी मिली है कि एक भविश्योत्तर पुराण भी है .आशय है कि हमारे पूर्वज मनीषियों ने आज की आधुनिक विज्ञान कथा की शैली के साहित्य का सृजन करना शुरू कर दिया था .
आज भविष्य दर्शन के लिए विज्ञान कथा की शरण मे जाया जा सकता है लेकिन हमारे पुराणों मे बहूत कुछ ऐसा है जिससे आज के विज्ञान कथाकारों को कई नयी सूझ मिल सकती है .आज तो बस इतना ही …इस चर्चा को हम आगे भी बढायेंगे .पर मेरे लिए यह भी जानना जरूरी है कि इसे कोई पढ़ भी रहा या नही ?
science fiction and mythology
Posted in Fantasy.
– April 14, 2008
2 Responses
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kya batt kar rahe yarr ??? tum likho aur hum na padhe ??? you are correct dear …so many mistry are there which yet to be solved ….best wishes…agge aur likho… HUM HAI NAAH…
जी हाँ, हम पढ़ रहे हैं. आप लिखिए. पर वर्ड् प्रेस या ब्लॉगर के बजाए आप रेडिफ पर ही क्यों लिख रहे हैं? क्या कारण है?