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Shahenshah

शहंशाह…

बादशाह अकबर सारे हिंदोस्ताँ के मालिक थे और सोचते - “काश ऐसा हो पाता…

“काश मैं भी खड़ा हो पाता, सुबह चौक पर लोगों के साथ, किस्से कहता बेफिक्री से…
और खेल पाता वो सारे खेल, जो खेलते हैं मजदूर-किसान, मेहनत के बाद शाम को…”

“काश मैं भी तैर पाता नदी-तालों में दूर तक अकेले अठखेलियाँ करता…
और घूम पाता घने फैले दरख़्तो के बीच रूमानी शायरी कहता…”

“काश मैं भी हंस पाता जोर से खिलखिलाकर सबके बीच…
और रो पाता दर्द से चीखकर सबके सामने…”

“काश मैं भी मिल पाता गले दोस्तों से गर्मजोशी से बाहें डालकर…
और चल पाता टिक-टिक घोड़ा बन अपने पोते को पीठ पर बैठाकर…”

“काश मैं भी कर पाता वो सब कुछ जो करते हैं आम आदमी…
और पा पाता वो सारे सुख जो नहीं पाता है एक शहंशाह…”

काश मैं भी…

लेकिन एक शहंशाह अपनी शहंशाहियत का गुलाम होता है…और अपनी मर्जी का मालिक होते हुए भी बहुत से अधूरे ख्वाब लिए दुनिया से गुजर जाता है…बिल्कुल एक आम आदमी की तरह…

(inspired from the phrase of hindi text book lesson…”Buland Darwaja”…)

Posted in Philosophy.

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Dosti

ये दोस्ती…
दोस्त क्या होता है ? दोस्ती क्या होती है ?

दोस्ती एक जज़्बा है जो सीधे दिल से जुड़ा होता है और जान देने के काबिल होता है / और एक दोस्त वो होता है जिसे देखते ही दिल खुश हो जाए, जिससे मिलते ही मन झूम उठे, जिसके साथ सारे जमाने को जीतने निकल पड़ें, और गुनगुनाने लगे…

“ये दोस्ती…हम नहीं तोड़ेंगे…”

और जब सारे यार एक साथ मिल जाएँ तो…

“जहाँ चार यार मिल जाए वहाँ रात ही गुजार..”

और दोस्ती तो निभाने की चीज है / एक दोस्त का रिश्ता सभी रिश्तों से बढ़कर होता है क्योंकि जो बात हम अपने माता-पिता, भाई-बहन या अन्य रिश्तेदारों से नहीं कह पाते वो एक दोस्त से बेहिचक कह देते हैं / दोस्तो के बीच कोई राज नहीं होता / कोई भेद नहीं होता /

दोस्ती कृष्ण-सुदामा की तरह होती है / जय-वीरू की तरह होती है /दोस्ती सभी स्वार्थों से परे होती है /

किसी ने कहा है …”Friend in need is a friend indeed”

लेकिन संत कबीर ने इसी बात को क्या खूब कहा है…

“मित्र तो ऐसा चाहिए जो ढाल सरीखा होय, सुख में तो पीछे रहे दुख में आगे होय”

और दोस्ती निभानी है तो दोस्तों को उनकी कमियों के साथ स्वीकार करना होगा, because no man and no book is perfect, so कर्ण ने जैसे दुर्योधन से उसकी कमियों के साथ दोस्ती निभाई, आपको भी निभानी पड़ेगी, और आपके दोस्तों को आपकी कमियों के साथ /क्योंकि जब एक दोस्त दिल दुखाता है तो…

“पत्त्थर तो कईयों ने मारे हमें लेकिन जो दिल पे आके लगा वो एक दोस्त का था”

so friends, be a friend, make a friend and maintain a frienship.

your friend

Posted in Friends.

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CHHATTISGARH-THE YOUNGER BROTHER

च्छत्तीसगढ़ के बारे में…

1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश के प्राचीन दक्षिण कोसल को च्छत्तीसगढ़ राज्य का दर्जा मिला /
वनों से आच्छादित, प्रकृतिक संपदा से भरपूर राज्य नन्हा राजकुमार था, पर वन का /
राजधानी भोपाल से रायपुर आ गयी, सड़कें चकाचक बनने लगीं, विकास आ गया /
जिस ग्रामीण वनवासी को सुदूर दंतेवाड़ा से हजार किलोमीटर दूर भोपाल आना पड़ता था,
किसी फरियाद को लेकर, वो अब रायपुर में ही निपट जाता है /

शेष आगे…

The newly born Chhattisgarh is called “younger brother” of Madhya Pradesh. And was always treated as younger brother. But for the partition there was no any violence between the two brothers and settled with mutual agreement.


Many are claiming the revolution was because of their affort but it happens as per the time.


From the beggining the loving quarrels were going on like Roads, Electricity, Facility and separation of the resources. The younger brother is having surplus on electricity and much more in natural resources which is the cause Big brother`s  jealousy.


although the grass is green with natural resources, the village people and forest dwellers are poorest among the poor. In cities many are richest of the country and the politicians are showing poor with big buildings and hotels etc.


Remaining in the next…

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Aawahaan - An apeal

आहवान

प्रिय भारतीय मित्रों,

“विकसित भारत” की शुभकामनाएँ !

आप सभी आमंत्रित हैं, जो केवल भारतीय हैं अपने सपनो के भारत निर्माण के लिए /
जिसे मैं “विकसित भारत कहता हूँ, जहाँ कोई भी अलग नहीं है जाती, धर्म या संप्रदाय से /
जो भारत है हमारे सपनो का, जहाँ सभी हैं बराबर सामाजिक रूप से /
जिनमें कोई भेदभाव नहीं, ऊंच - नीच नहीं, जात-पात नहीं /
जहाँ खुले हैं सभी के लिए अवसरों के द्वार समान /
जो है आत्मनिर्भर ना केवल संरचनागत व आर्थिक रूप से, बल्कि सामाजिक व खुले विचारों से भी /
यह भारत है हमारे सपनों का, जो आधुनिक है अपनी परंपराओं के साथ /
जो धनी है गरीबों के प्रति प्रेम के साथ, जो शक्तिशाली है विनम्रता के साथ /

हे भारतीयों आइए बनाएँ हम एक नया राष्ट्र समानता का - विकसित भारत /

विकास “भारतीय”

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Aawahaan - An Apeal

Dear All Bharatiya,


Greetings from Vikasit Bharat !


I Invite you to write your thoughts about making of Dream India, which I call “Vikasit Bharat”. This is open for all cityzen of India who are realy “Bharatiya” and who want to create a new india of our dream where no body is differ by religion, caste, creede or community.


The India of our dream is a country where every people is socialy equal and no discreminity among them. Where oppotunity is open for all. Self sustained and healthy not only physically and economically but socialy and thoughtfully.


We want to create a new India which is Modern with traditional values, Rich with love to poor, powerfull with “Namaskaar” hands.


Lets come together to built a Nation of Equality - Vikasit Bharat.


Vikas “Bharatiya”

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