March 2010
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जय श्री कृष्ण

ॐजय श्री कृष्णहिन्दी अनुवाद - दूसरे योगीजन इंद्रियों,तथा प्राणों की क्रियाओं को देखते हैं, फिरज्ञान से प्रकाशित आत्मसंयम योगरूप,अग्नि में हवन कर देते हैं.आगे -द्रव्ययज्ञास्तपोयज्ञा योगयज्ञास्तथापरे,स्वाध्यायज्ञानयज्ञयाश्च यतयः संशितव्रताः.