जय श्री कृष्ण
ॐ
जय श्री कृष्ण![]()
हिन्दी अनुवाद -
दूसरे योगीजन इंद्रियों,
तथा प्राणों की क्रियाओं को देखते हैं,
फिर
ज्ञान से प्रकाशित आत्मसंयम योगरूप,
अग्नि में हवन कर देते हैं.
आगे -
द्रव्ययज्ञास्तपोयज्ञा योगयज्ञास्तथापरे,
स्वाध्यायज्ञानयज्ञयाश्च यतयः संशितव्रताः.

gud morning Pradeep…..