March 2010
M T W T F S S
« Feb   Apr »
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
293031  

जय श्री कृष्ण



जय श्री कृष्ण

http://datastore.rediff.com/h5000-w5000/thumb/5B5F6D6E765D6F/58wxpcc1xr8hc1uk.D.0.geeta179.jpg
हिन्दी अनुवाद -

दूसरे योगीजन इंद्रियों,
तथा प्राणों की क्रियाओं को देखते हैं,
फिर
ज्ञान से प्रकाशित आत्मसंयम योगरूप,
अग्नि में हवन कर देते हैं.

आगे -

द्रव्ययज्ञास्तपोयज्ञा योगयज्ञास्तथापरे,
स्वाध्यायज्ञानयज्ञयाश्च यतयः संशितव्रताः.


1 comment to जय श्री कृष्ण

  • gud morning Pradeep…..

Leave a Reply